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Rechecking और Revaluation में क्या अंतर होता हैं ?

Rechecking और Revaluation में क्या अंतर होता हैं ?

What is the difference between Rechecking and revaluation full information in hindi: -  स्टूडेंट्स की जब भी बोर्ड एग्जाम (10th और 12th) और यूनिवर्सिटीज एग्जाम कंप्लीट हो जाती हैं। इसके बाद में बोर्ड और यूनिवर्सिटीज की एग्जाम का रिजल्ट जारी किया जाता है। उसी के दौरान स्टूडेंट्स को अपने रिजल्ट में कोई कंफ्यूजन होता है। तो उसके लिए बोर्ड और यूनिवर्सिटीज के द्वारा रिचेकिंग और रिवैल्युएशन के फॉर्म निकाले जाते हैं। जिन्हें स्टूडेंट्स के द्वारा भरा जाता है। क्या आपको मालूम है कि Rechecking ka matlab kya hota hai ? Revaluation ka matlab kya hota hai ? रिचेकिंग और रीवैल्यूएशन फॉर्म में क्या अंतर होता है ? अगर नहीं तो आपको आज इस ब्लॉग के अंदर इस सवाल का जवाब मिलने वाला है। 

Revaluation meaning in hindi, rechecking meaning in hindi, what is revolution in hindi

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Rechecking और Revaluation में क्या अंतर होता हैं ? 

जब भी आप बोर्ड एग्जाम या यूनिवर्सिटी एग्जाम की आंसर शीट दोबारा चेक करवाते हैं तो आपको दो फार्म भरने के ऑप्शन मिलते हैं। 

1. Rechecking 

2. Revaluation


Rechecking का मतलब क्या होता है ? 

अगर आप अपने एग्जाम की आंसर शीट को दोबारा से चेक करवाने के लिए रिचेकिंग का फॉर्म भरते हैं। तो इसमें आपकी आंसर शीट में जो मार्क्स दिए हुए हैं। उन्हीं को काउंट किया जाएगा 

मतलब आप की आंसर शीट में टोटल 40 मार्क्स आए हुए हैं। अब आप इसे दोबारा से चेक करवाते हैं। तो आप के टोटल मार्क्स में से एक या दो नंबर कम भी हो सकता है। ज्यादा हो सकता है या यह नंबर बराबर भी हो सकते हैं। 

रिचेकिंग का फॉर्म भरने के लिए आपको बहुत ही कम फीस देनी होती है।


Revaluation का मतलब क्या होता है ?

Revaluation फॉर्म के अंदर ऐसा नहीं है क्योंकि इसमें आपकी आंसर शीट को दुबारा से चेक करके फिर से मार्क्स दिए जाएंगे। मतलब पूरी आंसर शीट में दिए गए मार्क्स को हाईलाइट करके। दुबारा से कॉपी को किसी ओर टीचर के द्वारा चेक किया जाएगा। जिसमें टीचर यह देखेगा कि आपकी कॉपी के अंदर आंसर किस तरह से लिखे गए हैं। जो लिखे गए हैं वह सही तरीके से लिखे गए हैं। तभी आपको अपने आंसर के अकॉर्डिंग दोबारा से मार्क्स मिलेंगे। 

जैसे आपके एग्जाम में टोटल 40 नंबर आए हैं। और इसके अंदर आप रिवैल्युएशन का फॉर्म अप्लाई करते हैं। तो आपकी कॉपी को दुबारा से किसी ओर टीचर के द्वारा चेक करने पर मार्किंग दी जाएगी।

इस फॉर्म के अंदर आपके 40 नंबर आए हैं। तो इससे ज्यादा भी हो सकते हैं। और कम भी हो सकते हैं। यह आप पर डिपेंड करता है कि आपने पेपर को कितने अच्छे से किया है। 

अगर आपको यह लगता है कि आपके द्वारा किया गया पेपर अच्छा हुआ है। तभी आप रीवैल्यूएशन का फॉर्म भरे। 

रीवैल्यूएशन का फॉर्म भरने के लिए आपको बहुत ज्यादा फीस देनी होती हैं। क्योंकि इसमें आपकी आंसर शीट को दुबारा से चेक किया जाता हैं। 

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तो दोस्तों हमने आपको rechecking aur revaluation me kya antar hai ? इसके बारे में छोटी सी जानकारी दे दी है अगर आपको यह जानकारी पसंद आती है तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर कीजिएगा। 

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