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Ex- Student कौन होता है ? Ex-Student का मतलब क्या होता है ?

Who is Ex- Student Full Information in Hindi : - जब कोई विद्यार्थी किसी भी विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने के लिए एडमिशन लेता है। तो वह सबसे पहले UG (Under Graduation) में ही प्रवेश लेता है जो कि 3 से 4 साल का कोर्स होता है, इस कोर्स में हर साल स्टूडेंट्स के एग्जाम लगते है, जिसको 1st year, 2nd year, 3rd year के एग्जाम के नाम से जाना जाता है। तो जब कोई स्टूडेंट किसी भी कॉलेज कोर्स के किसी ईयर में फेल हो जाता है। तब उसको Ex-Student की कैटेगरी में रखा जाता है।

अभी क्योंकि भारत के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में Ex-Student की कैटेगरी होती है। लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट्स को Ex-Student का मतलब क्या होता है ? यह भी मालूम नहीं होता है। तो आज हम आपको इस ब्लॉग में Ex-Student क्या होता है ?  इसके बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं। तो आप इस ब्लॉग को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़े। ताकि आपको Ex-Student meaning in hindi समझ में आ जाए। 


Ex- Student कौन होता है ? Ex-Student का मतलब क्या होता है ?

Ex-Student को हिंदी में भूतपूर्व विद्यार्थी के नाम से जाना जाता है। जब भी कोई स्टूडेंट किसी विश्वविद्यालय से यूजी कोर्स (BA, BCOM, BSC) के किसी भी ईयर में फेल हो जाता है। तब उसे Ex-Student की कैटेगरी में रखा जाता है। 

Ex-Student का मतलब सरल शब्दों में समझा जाए तो फॉर एग्जांपल अगर किसी स्टूडेंट ने बीकॉम के फर्स्ट ईयर के Compulsory Subject को पास कर लिया हैं। लेकिन उसके ऑप्शनल सब्जेक्ट के दो सब्जेक्ट या तीन सब्जेक्ट में क्रॉस या Back लग गया या फिर उसने First Year की एग्जाम ही नही दी हैं, तब वह उस साल फैल हो जाता है। उसके बाद अगली साल उसे उसी एग्जाम को दुबारा देना पड़ता है, किन्तु इसके लिए पहले उसे एग्जाम फॉर्म भी लगवाना पड़ता है। तो ऐसी स्थिति में वह स्टूडेंट Ex Student का फॉर्म लगवा सकता हैं। 

इससे यह होगा की आपने जो Compulsory Subject पास किए उनके पेपर अगले Year में नहीं लगेंगे। लेकिन जिन सब्जेक्ट में क्रॉस या Back लगा है केवल उन्हीं के एग्जाम फिर से लगेंगे। लेकिन अगर आपने First Year का एग्जाम ही नहीं दिया हैं। तब आपको अगले साल उन सभी सब्जेक्ट्स के एग्जाम दुबारा से देने पड़ेंगे।

Ex-Student एक ऐसा तरीका है जिसके माध्यम से स्टूडेंट अपनी डिग्री को कंप्लीट करते हैं। जैसे कोई स्टूडेंट 10TH और 12TH में फेल हो जाता है। तब उनके पास तीन ऑप्शन रहते हैं जिनमें से पहला वह अपने पेपर को रिचैक करवा सकता है।  जिससे यह होगा कि उसके नंबर बढ़ने से पास हो जाएगा। या फिर वह सप्लीमेंट्री एग्जाम देकर के 10TH व 12TH पास कर सकता है। इसके बाद लास्ट ऑप्शन यह बचता है कि 10TH और 12TH को Ree यानी दुबारा से एग्जाम देकर के 10th और 12th का सार्टिफिकेट लें सकता हैं।

सेम इसी प्रकार से Ex-Student का ऑप्शन होता हैं। जिसमें स्टूडेंट किसी भी ईयर में फेल हो जाता हैं तब वह अगले साल दोबारा से बेक रह चुके सब्जेक्ट का एग्जाम देकर के पूर्ण रूप से डिग्री हासिल कर लेता है। 

ऐसा ही PG (Post Graduation) में हैं। अगर कोई स्टूडेंट पीजी प्रीवियस में फेल हो जाता है। तब वह पीजी फाइनल में PG Previous के पेपर क्लियर कर सकता है। 

दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको Ex-Student का मतलब समझ में आ गया होगा। अगर आपको अभी भी इस टॉपिक से रिलेटेड कोई डाउट हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है तब आप इसे अपने दोस्तों के साथ ही जरूर शेयर कीजिएगा। 

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